Wednesday, August 17, 2011

Ye to prem ki baat hai udhav













By Shri Mridul Krishna Shastri ji


ye to prem ki baat hai udhav, bandagi tere bas ki nahi hai।
yahaan sar de ke hote hai saude, aashiqi itni sasti nahi hai॥

prem walo ne kab wakt pucha, unki puja main sun le ae udhav।
yahan dam dam hoti hai pooja, sar jhukane ki fursat nahi hai॥ ye to prem......

jo asal main hai masti main dube, unhe kya parvah zindgi ki।
jo utarti hai chadati masti, wo hakiikat main masti nahi hai॥ ye to prem.......

jinki nazaro main hai shayam pyare, wo to rehte hai jag se nyare।
jinki nazro main mohan samaye, wo nazar phir tarastii nahi hai॥ ye to prem......
In Hindi:-
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है।
यहाँ सर दे के होते है सौदे, आशिकी इतनी सस्ती नहीं है॥

प्रेम वालो ने कब वक्त पूछा, उनकी पूजा मैं सुन ले ऐ उद्धव।
यहाँ दम दम होती है पूजा, सर झुकाने की फुर्सत नहीं है॥ ये तो प्रेम......

जो असल में है मस्ती में डूबे, उन्हें क्या परवाह जिंदगी की।
जो उतरती है चढ्ती मस्ती, वो हकीकत में मस्ती नहीं है॥ ये तो प्रेम.......

जिनकी नज़रो में है श्याम प्यारे, वो तो रहते है जग से न्यारे।
जिनकी नजरो में मोहन समाये, वो नज़र फिर तरसती नहीं है॥ ये तो प्रेम......

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